विष्णु आरती
विष्णु आरती | Meaning, Benefits & Spiritual Importance
विष्णु आरती क्या है?
विष्णु आरती भगवान भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र भक्ति गीत है, जिसे पूजा, भजन और आराधना के समय गाया जाता है।
सबसे प्रसिद्ध विष्णु आरती “ॐ जय जगदीश हरे” मानी जाती है, जिसे हिंदू घरों और मंदिरों में व्यापक रूप से गाया जाता है।
भक्त विष्णु आरती का गायन शांति, सकारात्मकता, भक्ति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए करते हैं।
विष्णु आरती इन हिंदी लिरिक्स
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे ।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का ।
स्वामी दुःख विनसे मन का ।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी ।
स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी ।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी ।
स्वामी तुम अन्तर्यामी ।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता ।
स्वामी तुम पालन-कर्ता ।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति ।
स्वामी सबके प्राणपति ।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे ।
स्वामी तुम ठाकुर मेरे ।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा ।
स्वमी पाप हरो देवा ।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे ।
स्वामी जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
विष्णु आरती का धार्मिक महत्व
भगवान विष्णु को जगत का पालनहार माना जाता है।
विष्णु आरती का महत्व इसलिए माना जाता है क्योंकि भक्तों के अनुसार यह:
घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है
मानसिक शांति प्रदान करती है
भक्ति और श्रद्धा बढ़ाती है
आध्यात्मिक वातावरण बनाती है
भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने में सहायक मानी जाती है
विष्णु आरती करने के लाभ
1. मानसिक शांति प्राप्त होती है
आरती का नियमित गायन मन को शांत और सकारात्मक बनाता है।
2. सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
भक्तों के अनुसार विष्णु आरती घर और जीवन में सकारात्मकता लाती है।
3. भक्ति मजबूत होती है
आरती भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा और समर्पण बढ़ाती है।
4. पूजा पूर्ण मानी जाती है
विष्णु पूजा के अंत में आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
5. आध्यात्मिक वातावरण बनता है
आरती से घर और मंदिर में भक्तिमय वातावरण बनता है।
विष्णु आरती कब करनी चाहिए?
सबसे शुभ समय:
सुबह पूजा के बाद
शाम की आरती के समय
गुरुवार
एकादशी
विष्णु पूजा और भजन के दौरान
प्रसिद्ध विष्णु आरती
ॐ जय जगदीश हरे
यह सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से गाई जाने वाली विष्णु आरती है।
श्री हरि आरती
भगवान विष्णु और नारायण जी की आराधना में गाई जाने वाली आरती।
Vishnu Aarti PDF
कई भक्त दैनिक पूजा, मंदिर उपयोग और ऑफलाइन पढ़ने के लिए Vishnu Aarti PDF डाउनलोड करना पसंद करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQ)
1. विष्णु आरती क्या है?
विष्णु आरती भगवान भगवान विष्णु को समर्पित भक्ति गीत है।
2. सबसे प्रसिद्ध विष्णु आरती कौन सी है?
“ॐ जय जगदीश हरे” सबसे लोकप्रिय विष्णु आरती मानी जाती है।
3. विष्णु आरती करने के क्या लाभ हैं?
भक्तों के अनुसार यह मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति बढ़ाती है।
4. क्या विष्णु आरती रोज कर सकते हैं?
हाँ, श्रद्धा से प्रतिदिन विष्णु आरती की जा सकती है।
5. विष्णु आरती कब करनी चाहिए?
सुबह, शाम, गुरुवार और एकादशी के दिन आरती करना शुभ माना जाता है।
6. क्या महिलाएँ विष्णु आरती कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएँ और पुरुष दोनों विष्णु आरती कर सकते हैं।
7. Vishnu Aarti PDF कहाँ मिलेगी?
धार्मिक वेबसाइटों पर PDF उपलब्ध होती है।
8. क्या विष्णु आरती मानसिक शांति देती है?
भक्तों के अनुसार नियमित आरती मानसिक शांति और सकारात्मकता प्रदान करती है।
9. क्या विद्यार्थी विष्णु आरती कर सकते हैं?
हाँ, विद्यार्थी सकारात्मकता और आध्यात्मिक शांति के लिए आरती कर सकते हैं।
10. विष्णु आरती में कितना समय लगता है?
सामान्यतः 5 से 10 मिनट का समय लगता है।
11. क्या एकादशी पर विष्णु आरती करना शुभ है?
हाँ, एकादशी भगवान विष्णु की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
12. क्या विष्णु आरती पूजा के अंत में की जाती है?
हाँ, अधिकांश हिंदू पूजा में आरती अंत में की जाती है।
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