भगवान् विष्णु के 1000 नाम हिंदी में
| 1 | विश्वम् |
| 2 | विष्णुः |
| 3 | वषट्कारः |
| 4 | भूतभव्यभवत्प्रभुः |
| 5 | भूतकृत् |
| 6 | भूतभृत् |
| 7 | भावः |
| 8 | भूतात्मा |
| 9 | भूतभावनः |
| 10 | पूतात्मा |
| 11 | परमात्मा |
| 12 | मुक्तानां परमा गतिः |
| 13 | अव्ययः |
| 14 | पुरुषः |
| 15 | साक्षी |
| 16 | क्षेत्रज्ञः |
| 17 | अक्षरः |
| 18 | योगः |
| 19 | योगविदां नेता |
| 20 | प्रधानपुरुषेश्वरः |
| 21 | नारसिंहवपुः |
| 22 | श्रीमान् |
| 23 | केशवः |
| 24 | पुरुषोत्तमः |
| 25 | सर्वः |
| 26 | शर्वः |
| 27 | शिवः |
| 28 | स्थाणुः |
| 29 | भूतादिः |
| 30 | निधिरव्ययः |
| 31 | सम्भवः |
| 32 | भावनः |
| 33 | भर्ता |
| 34 | प्रभवः |
| 35 | प्रभुः |
| 36 | ईश्वरः |
| 37 | स्वयम्भूः |
| 38 | शम्भुः |
| 39 | आदित्यः |
| 40 | पुष्कराक्षः |
| 41 | महास्वनः |
| 42 | अनादि-निधनः |
| 43 | धाता |
| 44 | विधाता |
| 45 | धातुरुत्तमः |
| 46 | अप्रमेयः |
| 47 | हृषीकेशः |
| 48 | पद्मनाभः |
| 49 | अमरप्रभुः |
| 50 | विश्वकर्मा |
| 51 | मनुः |
| 52 | त्वष्टा |
| 53 | स्तविष्ठः |
| 54 | स्थविरो ध्रुवः |
| 55 | अग्राह्यः |
| 56 | शाश्वतः |
| 57 | कृष्णः |
| 58 | लोहिताक्षः |
| 59 | प्रतर्दनः |
| 60 | प्रभूतस् |
| 61 | त्रिकाकुब्धाम |
| 62 | पवित्रम् |
| 63 | मंगलं-परम् |
| 64 | ईशानः |
| 65 | प्राणदः |
| 66 | प्राणः |
| 67 | ज्येष्ठः |
| 68 | श्रेष्ठः |
| 69 | प्रजापतिः |
| 70 | हिरण्यगर्भः |
| 71 | भूगर्भः |
| 72 | माधवः |
| 73 | मधुसूदनः |
| 74 | ईश्वरः |
| 75 | विक्रमः |
| 76 | धन्वी |
| 77 | मेधावी |
| 78 | विक्रमः |
| 79 | क्रमः |
| 80 | अनुत्तमः |
| 81 | दुराधर्षः |
| 82 | कृतज्ञः |
| 83 | कृतिः |
| 84 | आत्मवान् |
| 85 | सुरेशः |
| 86 | शरणम् |
| 87 | शर्म |
| 88 | विश्वरेताः |
| 89 | प्रजाभवः |
| 90 | अहः |
| 91 | संवत्सरः |
| 92 | व्यालः |
| 93 | प्रत्ययः |
| 94 | सर्वदर्शनः |
| 95 | अजः |
| 96 | सर्वेश्वरः |
| 97 | सिद्धः |
| 98 | सिद्धिः |
| 99 | सर्वादिः |
| 100 | अच्युतः |
| 101 | वृषाकपिः |
| 102 | अमेयात्मा |
| 103 | सर्वयोगविनिसृतः |
| 104 | वसुः |
| 105 | वसुमनाः |
| 106 | सत्यः |
| 107 | समात्मा |
| 108 | सम्मितः |
| 109 | समः |
| 110 | अमोघः |
| 111 | पुण्डरीकाक्षः |
| 112 | वृषकर्मा |
| 113 | वृषाकृतिः |
| 114 | रुद्रः |
| 115 | बहुशिरः |
| 116 | बभ्रुः |
| 117 | विश्वयोनिः |
| 118 | शुचिश्रवाः |
| 119 | अमृतः |
| 120 | शाश्वतः-स्थाणुः |
| 121 | वरारोहः |
| 122 | महातपः |
| 123 | सर्वगः |
| 124 | सर्वविद्भानुः |
| 125 | विष्वक्सेनः |
| 126 | जनार्दनः |
| 127 | वेदः |
| 128 | वेदविद् |
| 129 | अव्यंगः |
| 130 | वेदांगः |
| 131 | वेदविद् |
| 132 | कविः |
| 133 | लोकाध्यक्षः |
| 134 | सुराध्यक्षः |
| 135 | धर्माध्यक्षः |
| 136 | कृताकृतः |
| 137 | चतुरात्मा |
| 138 | चतुर्व्यूहः |
| 139 | चतुर्दंष्ट्रः |
| 140 | चतुर्भुजः |
| 141 | भ्राजिष्णुः |
| 142 | भोजनम् |
| 143 | भोक्ता |
| 144 | सहिष्णुः |
| 145 | जगदादिजः |
| 146 | अनघः |
| 147 | विजयः |
| 148 | जेता |
| 149 | विश्वयोनिः |
| 150 | पुनर्वसुः |
| 151 | उपेन्द्रः |
| 152 | वामनः |
| 153 | प्रांशुः |
| 154 | अमोघः |
| 155 | शुचिः |
| 156 | ऊर्जितः |
| 157 | अतीन्द्रः |
| 158 | संग्रहः |
| 159 | सर्गः |
| 160 | धृतात्मा |
| 161 | नियमः |
| 162 | यमः |
| 163 | वेद्यः |
| 164 | वैद्यः |
| 165 | सदायोगी |
| 166 | वीरहा |
| 167 | माधवः |
| 168 | मधुः |
| 169 | अतीन्द्रियः |
| 170 | महामायः |
| 171 | महोत्साहः |
| 172 | महाबलः |
| 173 | महाबुद्धिः |
| 174 | महावीर्यः |
| 175 | महाशक्तिः |
| 176 | महाद्युतिः |
| 177 | अनिर्देश्यवपुः |
| 178 | श्रीमान् |
| 179 | अमेयात्मा |
| 180 | महाद्रिधृक् |
| 181 | महेष्वासः |
| 182 | महीभर्ता |
| 183 | श्रीनिवासः |
| 184 | सतां गिरः |
| 185 | अनिरुद्धः |
| 186 | सुरानन्दः |
| 187 | गोविन्दः |
| 188 | गोविदां पथः |
| 189 | मरीचिः |
| 190 | दमनः |
| 191 | हंसः |
| 192 | सुपर्णः |
| 193 | भुजगोत्तमः |
| 194 | हिरण्यनाभः |
| 195 | सुतपाः |
| 196 | पद्मनाभः |
| 197 | प्रजापतिः |
| 198 | अमृत्युः |
| 199 | सर्वदृक् |
| 200 | सिंहः |
| 201 | सन्धाता |
| 202 | सन्धिमान् |
| 203 | स्थिरः |
| 204 | अजः |
| 205 | दुर्मषणः |
| 206 | शास्ता |
| 207 | विसृतात्मा |
| 208 | सुरारिहा |
| 209 | गुरुः |
| 210 | गुरुतमः |
| 211 | धाम |
| 212 | सत्यः |
| 213 | सत्यपराक्रमः |
| 214 | निमिषः |
| 215 | अनिमिषः |
| 216 | स्रग्वी |
| 217 | वाचस्पतिः-उदारधीः |
| 218 | अग्रणीः |
| 219 | ग्रामणीः |
| 220 | श्रीमान् |
| 221 | न्यायः |
| 222 | नेता |
| 223 | समीरणः |
| 224 | सहस्रमूर्धा |
| 225 | विश्वात्मा |
| 226 | सहस्राक्षः |
| 227 | सहस्रपात् |
| 228 | आवर्तनः |
| 229 | निवृत्तात्मा |
| 230 | संवृतः |
| 231 | संप्रमर्दनः |
| 232 | अहः संवर्तकः |
| 233 | वह्निः |
| 234 | अनिलः |
| 235 | धरणीधरः |
| 236 | सुप्रसादः |
| 237 | प्रसन्नात्मा |
| 238 | विश्वधृक् |
| 239 | विश्वभुक् |
| 240 | विभुः |
| 241 | सत्कर्ता |
| 242 | सत्कृतः |
| 243 | साधुः |
| 244 | जह्नुः |
| 245 | नारायणः |
| 246 | नरः |
| 247 | असंख्येयः |
| 248 | अप्रमेयात्मा |
| 249 | विशिष्टः |
| 250 | शिष्टकृत् |
| 251 | शुचिः |
| 252 | सिद्धार्थः |
| 253 | सिद्धसंकल्पः |
| 254 | सिद्धिदः |
| 255 | सिद्धिसाधनः |
| 256 | वृषाही |
| 257 | वृषभः |
| 258 | विष्णुः |
| 259 | वृषपर्वा |
| 260 | वृषोदरः |
| 261 | वर्धनः |
| 262 | वर्धमानः |
| 263 | विविक्तः |
| 264 | श्रुतिसागरः |
| 265 | सुभुजः |
| 266 | दुर्धरः |
| 267 | वाग्मी |
| 268 | महेन्द्रः |
| 269 | वसुदः |
| 270 | वसुः |
| 271 | नैकरूपः |
| 272 | बृहद्रूपः |
| 273 | शिपिविष्टः |
| 274 | प्रकाशनः |
| 275 | ओजस्तेजोद्युतिधरः |
| 276 | प्रकाशात्मा |
| 277 | प्रतापनः |
| 278 | ऋद्धः |
| 279 | स्पष्टाक्षरः |
| 280 | मन्त्रः |
| 281 | चन्द्रांशुः |
| 282 | भास्करद्युतिः |
| 283 | अमृतांशोद्भवः |
| 284 | भानुः |
| 285 | शशबिन्दुः |
| 286 | सुरेश्वरः |
| 287 | औषधम् |
| 288 | जगतः सेतुः |
| 289 | सत्यधर्मपराक्रमः |
| 290 | भूतभव्यभवन्नाथः |
| 291 | पवनः |
| 292 | पावनः |
| 293 | अनलः |
| 294 | कामहा |
| 295 | कामकृत् |
| 296 | कान्तः |
| 297 | कामः |
| 298 | कामप्रदः |
| 299 | प्रभुः |
| 300 | युगादिकृत् |
| 301 | युगावर्तः |
| 302 | नैकमायः |
| 303 | महाशनः |
| 304 | अदृश्यः |
| 305 | व्यक्तरूपः |
| 306 | सहस्राजित् |
| 307 | अनन्तजित् |
| 308 | इष्टः |
| 309 | विशिष्टः |
| 310 | शिष्टेष्टः |
| 311 | शिखण्डी |
| 312 | नहुषः |
| 313 | वृषः |
| 314 | क्रोधहा |
| 315 | क्रोधकृत्कर्ता |
| 316 | विश्वबाहुः |
| 317 | महीधरः |
| 318 | अच्युतः |
| 319 | प्रथितः |
| 320 | प्राणः |
| 321 | प्राणदः |
| 322 | वासवानुजः |
| 323 | अपां-निधिः |
| 324 | अधिष्ठानम् |
| 325 | अप्रमत्तः |
| 326 | प्रतिष्ठितः |
| 327 | स्कन्दः |
| 328 | स्कन्दधरः |
| 329 | धूर्यः |
| 330 | वरदः |
| 331 | वायुवाहनः |
| 332 | वासुदेवः |
| 333 | बृहद्भानुः |
| 334 | आदिदेवः |
| 335 | पुरन्दरः |
| 336 | अशोकः |
| 337 | तारणः |
| 338 | तारः |
| 339 | शूरः |
| 340 | शौरिः |
| 341 | जनेश्वरः |
| 342 | अनुकूलः |
| 343 | शतावर्तः |
| 344 | पद्मी |
| 345 | पद्मनिभेक्षणः |
| 346 | पद्मनाभः |
| 347 | अरविन्दाक्षः |
| 348 | पद्मगर्भः |
| 349 | शरीरभृत् |
| 350 | महर्द्धिः |
| 351 | ऋद्धः |
| 352 | वृद्धात्मा |
| 353 | महाक्षः |
| 354 | गरुडध्वजः |
| 355 | अतुलः |
| 356 | शरभः |
| 357 | भीमः |
| 358 | समयज्ञः |
| 359 | हविर्हरिः |
| 360 | सर्वलक्षणलक्षण्यः |
| 361 | लक्ष्मीवान् |
| 362 | समितिञ्जयः |
| 363 | विक्षरः |
| 364 | रोहितः |
| 365 | मार्गः |
| 366 | हेतुः |
| 367 | दामोदरः |
| 368 | सहः |
| 369 | महीधरः |
| 370 | महाभागः |
| 371 | वेगवान् |
| 372 | अमिताशनः |
| 373 | उद्भवः |
| 374 | क्षोभणः |
| 375 | देवः |
| 376 | श्रीगर्भः |
| 377 | परमेश्वरः |
| 378 | करणम् |
| 379 | कारणम् |
| 380 | कर्ता |
| 381 | विकर्ता |
| 382 | गहनः |
| 383 | गुहः |
| 384 | व्यवसायः |
| 385 | व्यवस्थानः |
| 386 | संस्थानः |
| 387 | स्थानदः |
| 388 | ध्रुवः |
| 389 | परर्धिः |
| 390 | परमस्पष्टः |
| 391 | तुष्टः |
| 392 | पुष्टः |
| 393 | शुभेक्षणः |
| 394 | रामः |
| 395 | विरामः |
| 396 | विरजः |
| 397 | मार्गः |
| 398 | नेयः |
| 399 | नयः |
| 400 | अनयः |
| 401 | वीरः |
| 402 | शक्तिमतां श्रेष्ठः |
| 403 | धर्मः |
| 404 | धर्मविदुत्तमः |
| 405 | वैकुण्ठः |
| 406 | पुरुषः |
| 407 | प्राणः |
| 408 | प्राणदः |
| 409 | प्रणवः |
| 410 | पृथुः |
| 411 | हिरण्यगर्भः |
| 412 | शत्रुघ्नः |
| 413 | व्याप्तः |
| 414 | वायुः |
| 415 | अधोक्षजः |
| 416 | ऋतुः |
| 417 | सुदर्शनः |
| 418 | कालः |
| 419 | परमेष्ठी |
| 420 | परिग्रहः |
| 421 | उग्रः |
| 422 | संवत्सरः |
| 423 | दक्षः |
| 424 | विश्रामः |
| 425 | विश्वदक्षिणः |
| 426 | विस्तारः |
| 427 | स्थावरस्स्थाणुः |
| 428 | प्रमाणम् |
| 429 | बीजमव्ययम् |
| 430 | अर्थः |
| 431 | अनर्थः |
| 432 | महाकोशः |
| 433 | महाभोगः |
| 434 | महाधनः |
| 435 | अनिर्विण्णः |
| 436 | स्थविष्ठः |
| 437 | अभूः |
| 438 | धर्मयूपः |
| 439 | महामखः |
| 440 | नक्षत्रनेमिः |
| 441 | नक्षत्री |
| 442 | क्षमः |
| 443 | क्षामः |
| 444 | समीहनः |
| 445 | यज्ञः |
| 446 | इज्यः |
| 447 | महेज्यः |
| 448 | क्रतुः |
| 449 | सत्रम् |
| 450 | सतां गिरः |
| 451 | सर्वदर्शी |
| 452 | विमुक्तात्मा |
| 453 | सर्वज्ञः |
| 454 | ज्ञानमुत्तमम् |
| 455 | सुव्रतः |
| 456 | सुमुखः |
| 457 | सूक्ष्मः |
| 458 | सुघोषः |
| 459 | सुखदः |
| 460 | सुहृत् |
| 461 | मनोहरः |
| 462 | जितक्रोधः |
| 463 | वीरबाहुः |
| 464 | विदारणः |
| 465 | स्वापनः |
| 466 | स्ववशः |
| 467 | व्यापी |
| 468 | नैकात्मा |
| 469 | नैककर्मकृत् |
| 470 | वत्सरः |
| 471 | वत्सलः |
| 472 | वत्सी |
| 473 | रत्नगर्भः |
| 474 | धनेश्वरः |
| 475 | धर्मगुब् |
| 476 | धर्मकृत् |
| 477 | धर्मी |
| 478 | सत् |
| 479 | असत् |
| 480 | क्षरम् |
| 481 | अक्षरम् |
| 482 | अविज्ञाता |
| 483 | सहस्रांशुः |
| 484 | विधाता |
| 485 | कृतलक्षणः |
| 486 | गभस्तिनेमिः |
| 487 | सत्त्वस्थः |
| 488 | सिंहः |
| 489 | भूतमहेश्वरः |
| 490 | आदिदेवः |
| 491 | महादेवः |
| 492 | देवेशः |
| 493 | देवभृद्गुरुः |
| 494 | उत्तरः |
| 495 | गोपतिः |
| 496 | गोप्ता |
| 497 | ज्ञानगम्यः |
| 498 | पुरातनः |
| 499 | शरीरभूतभृत् |
| 500 | भोक्ता |
| 501 | कपीन्द्रः |
| 502 | भूरिदक्षिणः |
| 503 | सोमपः |
| 504 | अमृतपः |
| 505 | सोमः |
| 506 | पुरुजित् |
| 507 | पुरुसत्तमः |
| 508 | विनयः |
| 509 | जयः |
| 510 | सत्यसन्धः |
| 511 | दाशार्हः |
| 512 | सात्त्वतां पतिः |
| 513 | जीवः |
| 514 | विनयितासाक्षी |
| 515 | मुकुन्दः |
| 516 | अमितविक्रमः |
| 517 | अम्भोनिधिः |
| 518 | अनन्तात्मा |
| 519 | महोदधिशयः |
| 520 | अन्तकः |
| 521 | अजः |
| 522 | महार्हः |
| 523 | स्वाभाव्यः |
| 524 | जितामित्रः |
| 525 | प्रमोदनः |
| 526 | आनन्दः |
| 527 | नन्दनः |
| 528 | नन्दः |
| 529 | सत्यधर्मा |
| 530 | त्रिविक्रमः |
| 531 | महर्षिः कपिलाचार्यः |
| 532 | कृतज्ञः |
| 533 | मेदिनीपतिः |
| 534 | त्रिपदः |
| 535 | त्रिदशाध्यक्षः |
| 536 | महाशृंगः |
| 537 | कृतान्तकृत् |
| 538 | महावराहः |
| 539 | गोविन्दः |
| 540 | सुषेणः |
| 541 | कनकांगदी |
| 542 | गुह्यः |
| 543 | गभीरः |
| 544 | गहनः |
| 545 | गुप्तः |
| 546 | चक्रगदाधरः |
| 547 | वेधाः |
| 548 | स्वांगः |
| 549 | अजितः |
| 550 | कृष्णः |
| 551 | दृढः |
| 552 | संकर्षणोऽच्युतः |
| 553 | वरुणः |
| 554 | वारुणः |
| 555 | वृक्षः |
| 556 | पुष्कराक्षः |
| 557 | महामनः |
| 558 | भगवान् |
| 559 | भगहा |
| 560 | आनन्दी |
| 561 | वनमाली |
| 562 | हलायुधः |
| 563 | आदित्यः |
| 564 | ज्योतिरादित्यः |
| 565 | सहिष्णुः |
| 566 | गतिसत्तमः |
| 567 | सुधन्वा |
| 568 | खण्दपरशुः |
| 569 | दारुणः |
| 570 | द्रविणप्रदः |
| 571 | दिवःस्पृक् |
| 572 | सर्वदृग्व्यासः |
| 573 | वाचस्पतिरयोनिजः |
| 574 | त्रिसामा |
| 575 | सामगः |
| 576 | साम |
| 577 | निर्वाणम् |
| 578 | भेषजम् |
| 579 | भृषक् |
| 580 | संन्यासकृत् |
| 581 | समः |
| 582 | शान्तः |
| 583 | निष्ठा |
| 584 | शान्तिः |
| 585 | परायणम् |
| 586 | शुभांगः |
| 587 | शान्तिदः |
| 588 | स्रष्टा |
| 589 | कुमुदः |
| 590 | कुवलेशयः |
| 591 | गोहितः |
| 592 | गोपतिः |
| 593 | गोप्ता |
| 594 | वृषभाक्षः |
| 595 | वृषप्रियः |
| 596 | अनिवर्ती |
| 597 | निवृतात्मा |
| 598 | संक्षेप्ता |
| 599 | क्षेमकृत् |
| 600 | शिवः |
| 601 | श्रीवत्सवत्साः |
| 602 | श्रीवासः |
| 603 | श्रीपतिः |
| 604 | श्रीमतां वरः |
| 605 | श्रीदः |
| 606 | श्रीशः |
| 607 | श्रीनिवासः |
| 608 | श्रीनिधिः |
| 609 | श्रीविभावनः |
| 610 | श्रीधरः |
| 611 | श्रीकरः |
| 612 | श्रेयः |
| 613 | श्रीमान् |
| 614 | लोकत्रयाश्रयः |
| 615 | स्वक्षः |
| 616 | स्वङ्गः |
| 617 | शतानन्दः |
| 618 | नन्दिः |
| 619 | ज्योतिर्गणेश्वरः |
| 620 | विजितात्मा |
| 621 | विधेयात्मा |
| 622 | सत्कीर्तिः |
| 623 | छिन्नसंशयः |
| 624 | उदीर्णः |
| 625 | सर्वतश्चक्षुः |
| 626 | अनीशः |
| 627 | शाश्वतः-स्थिरः |
| 628 | भूशयः |
| 629 | भूषणः |
| 630 | भूतिः |
| 631 | विशोकः |
| 632 | शोकनाशनः |
| 633 | अर्चिष्मान् |
| 634 | अर्चितः |
| 635 | कुम्भः |
| 636 | विशुद्धात्मा |
| 637 | विशोधनः |
| 638 | अनिरुद्धः |
| 639 | अप्रतिरथः |
| 640 | प्रद्युम्नः |
| 641 | अमितविक्रमः |
| 642 | कालनेमीनिहा |
| 643 | वीरः |
| 644 | शौरी |
| 645 | शूरजनेश्वरः |
| 646 | त्रिलोकात्मा |
| 647 | त्रिलोकेशः |
| 648 | केशवः |
| 649 | केशिहा |
| 650 | हरिः |
| 651 | कामदेवः |
| 652 | कामपालः |
| 653 | कामी |
| 654 | कान्तः |
| 655 | कृतागमः |
| 656 | अनिर्देश्यवपुः |
| 657 | विष्णुः |
| 658 | वीरः |
| 659 | अनन्तः |
| 660 | धनञ्जयः |
| 661 | ब्रह्मण्यः |
| 662 | ब्रह्मकृत् |
| 663 | ब्रह्मा |
| 664 | ब्रहम |
| 665 | ब्रह्मविवर्धनः |
| 666 | ब्रह्मविद् |
| 667 | ब्राह्मणः |
| 668 | ब्रह्मी |
| 669 | ब्रह्मज्ञः |
| 670 | ब्राह्मणप्रियः |
| 671 | महाकर्मः |
| 672 | महाकर्मा |
| 673 | महातेजा |
| 674 | महोरगः |
| 675 | महाक्रतुः |
| 676 | महायज्वा |
| 677 | महायज्ञः |
| 678 | महाहविः |
| 679 | स्तव्यः |
| 680 | स्तवप्रियः |
| 681 | स्तोत्रम् |
| 682 | स्तुतिः |
| 683 | स्तोता |
| 684 | रणप्रियः |
| 685 | पूर्णः |
| 686 | पूरयिता |
| 687 | पुण्यः |
| 688 | पुण्यकीर्तिः |
| 689 | अनामयः |
| 690 | मनोजवः |
| 691 | तीर्थकरः |
| 692 | वसुरेताः |
| 693 | वसुप्रदः |
| 694 | वसुप्रदः |
| 695 | वासुदेवः |
| 696 | वसुः |
| 697 | वसुमना |
| 698 | हविः |
| 699 | सद्गतिः |
| 700 | सत्कृतिः |
| 701 | सत्ता |
| 702 | सद्भूतिः |
| 703 | सत्परायणः |
| 704 | शूरसेनः |
| 705 | यदुश्रेष्ठः |
| 706 | सन्निवासः |
| 707 | सुयामुनः |
| 708 | भूतावासः |
| 709 | वासुदेवः |
| 710 | सर्वासुनिलयः |
| 711 | अनलः |
| 712 | दर्पहा |
| 713 | दर्पदः |
| 714 | दृप्तः |
| 715 | दुर्धरः |
| 716 | अथापराजितः |
| 717 | विश्वमूर्तिः |
| 718 | महामूर्तिः |
| 719 | दीप्तमूर्तिः |
| 720 | अमूर्तिमान् |
| 721 | अनेकमूर्तिः |
| 722 | अव्यक्तः |
| 723 | शतमूर्तिः |
| 724 | शताननः |
| 725 | एकः |
| 726 | नैकः |
| 727 | सवः |
| 728 | कः |
| 729 | किम् |
| 730 | यत् |
| 731 | तत् |
| 732 | पदमनुत्तमम् |
| 733 | लोकबन्धुः |
| 734 | लोकनाथः |
| 735 | माधवः |
| 736 | भक्तवत्सलः |
| 737 | सुवर्णवर्णः |
| 738 | हेमांगः |
| 739 | वरांगः |
| 740 | चन्दनांगदी |
| 741 | वीरहा |
| 742 | विषमः |
| 743 | शून्यः |
| 744 | घृताशी |
| 745 | अचलः |
| 746 | चलः |
| 747 | अमानी |
| 748 | मानदः |
| 749 | मान्यः |
| 750 | लोकस्वामी |
| 751 | त्रिलोकधरक् |
| 752 | सुमेधा |
| 753 | मेधजः |
| 754 | धन्यः |
| 755 | सत्यमेधः |
| 756 | धराधरः |
| 757 | तेजोवृषः |
| 758 | द्युतिधरः |
| 759 | सर्वशस्त्रभृतां वरः |
| 760 | प्रग्रहः |
| 761 | निग्रहः |
| 762 | व्यग्रः |
| 763 | नैकशृंगः |
| 764 | गदाग्रजः |
| 765 | चतुर्मूर्तिः |
| 766 | चतुर्बाहुः |
| 767 | चतुर्व्यूहः |
| 768 | चतुर्गतिः |
| 769 | चतुरात्मा |
| 770 | चतुर्भावः |
| 771 | चतुर्वेदविद् |
| 772 | एकपात् |
| 773 | समावर्तः |
| 774 | निवृत्तात्मा |
| 775 | दुर्जयः |
| 776 | दुरतिक्रमः |
| 777 | दुर्लभः |
| 778 | दुर्गमः |
| 779 | दुर्गः |
| 780 | दुरावासः |
| 781 | दुरारिहा |
| 782 | शुभांगः |
| 783 | लोकसारंगः |
| 784 | सुतन्तुः |
| 785 | तन्तुवर्धनः |
| 786 | इन्द्रकर्मा |
| 787 | महाकर्मा |
| 788 | कृतकर्मा |
| 789 | कृतागमः |
| 790 | उद्भवः |
| 791 | सुन्दरः |
| 792 | सुन्दः |
| 793 | रत्ननाभः |
| 794 | सुलोचनः |
| 795 | अर्कः |
| 796 | वाजसनः |
| 797 | शृंगी |
| 798 | जयन्तः |
| 799 | सर्वविज्जयी |
| 800 | सुवर्णबिन्दुः |
| 801 | अक्षोभ्यः |
| 802 | सर्ववागीश्वरेश्वरः |
| 803 | महाहृदः |
| 804 | महागर्तः |
| 805 | महाभूतः |
| 806 | महानिधिः |
| 807 | कुमुदः |
| 808 | कुन्दरः |
| 809 | कुन्दः |
| 810 | पर्जन्यः |
| 811 | पावनः |
| 812 | अनिलः |
| 813 | अमृतांशः |
| 814 | अमृतवपुः |
| 815 | सर्वज्ञः |
| 816 | सर्वतोमुखः |
| 817 | सुलभः |
| 818 | सुव्रतः |
| 819 | सिद्धः |
| 820 | शत्रुजित् |
| 821 | शत्रुतापनः |
| 822 | न्यग्रोधः |
| 823 | उदुम्बरः |
| 824 | अश्वत्थः |
| 825 | चाणूरान्ध्रनिषूदनः |
| 826 | सहस्रार्चिः |
| 827 | सप्तजिह्वः |
| 828 | सप्तैधाः |
| 829 | सप्तवाहनः |
| 830 | अमूर्तिः |
| 831 | अनघः |
| 832 | अचिन्त्यः |
| 833 | भयकृत् |
| 834 | भयनाशनः |
| 835 | अणुः |
| 836 | बृहत् |
| 837 | कृशः |
| 838 | स्थूलः |
| 839 | गुणभृत् |
| 840 | निर्गुणः |
| 841 | महान् |
| 842 | अधृतः |
| 843 | स्वधृतः |
| 844 | स्वास्यः |
| 845 | प्राग्वंशः |
| 846 | वंशवर्धनः |
| 847 | भारभृत् |
| 848 | कथितः |
| 849 | योगी |
| 850 | योगीशः |
| 851 | सर्वकामदः |
| 852 | आश्रमः |
| 853 | श्रमणः |
| 854 | क्षामः |
| 855 | सुपर्णः |
| 856 | वायुवाहनः |
| 857 | धनुर्धरः |
| 858 | धनुर्वेदः |
| 859 | दण्डः |
| 860 | दमयिता |
| 861 | दमः |
| 862 | अपराजितः |
| 863 | सर्वसहः |
| 864 | अनियन्ता |
| 865 | नियमः |
| 866 | अयमः |
| 867 | सत्त्ववान् |
| 868 | सात्त्विकः |
| 869 | सत्यः |
| 870 | सत्यधर्मपराक्रमः |
| 871 | अभिप्रायः |
| 872 | प्रियार्हः |
| 873 | अर्हः |
| 874 | प्रियकृत् |
| 875 | प्रीतिवर्धनः |
| 876 | विहायसगतिः |
| 877 | ज्योतिः |
| 878 | सुरुचिः |
| 879 | हुतभुक् |
| 880 | विभुः |
| 881 | रविः |
| 882 | विरोचनः |
| 883 | सूर्यः |
| 884 | सविता |
| 885 | रविलोचनः |
| 886 | अनन्तः |
| 887 | हुतभुक् |
| 888 | भोक्ता |
| 889 | सुखदः |
| 890 | नैकजः |
| 891 | अग्रजः |
| 892 | अनिर्विण्णः |
| 893 | सदामर्षी |
| 894 | लोकाधिष्ठानम् |
| 895 | अद्भुतः |
| 896 | सनात् |
| 897 | सनातनतमः |
| 898 | कपिलः |
| 899 | कपिः |
| 900 | अव्ययः |
| 901 | स्वस्तिदः |
| 902 | स्वस्तिकृत् |
| 903 | स्वस्ति |
| 904 | स्वस्तिभुक् |
| 905 | स्वस्तिदक्षिणः |
| 906 | अरौद्रः |
| 907 | कुण्डली |
| 908 | चक्री |
| 909 | विक्रमी |
| 910 | ऊर्जितशासनः |
| 911 | शब्दगतिः |
| 912 | शब्दसहः |
| 913 | शिशिरः |
| 914 | शर्वरीकरः |
| 915 | अक्रूरः |
| 916 | पेशलः |
| 917 | दक्षः |
| 918 | दक्षिणः |
| 919 | क्षमिणांवरः |
| 920 | विद्वत्तमः |
| 921 | वीतभयः |
| 922 | पुण्यश्रवणकीर्तनः |
| 923 | उत्तारणः |
| 924 | दुष्कृतिहा |
| 925 | पुण्यः |
| 926 | दुःस्वप्ननाशनः |
| 927 | वीरहा |
| 928 | रक्षणः |
| 929 | सन्तः |
| 930 | जीवनः |
| 931 | पर्यवस्थितः |
| 932 | अनन्तरूपः |
| 933 | अनन्तश्रीः |
| 934 | जितमन्युः |
| 935 | भयापहः |
| 936 | चतुरश्रः |
| 937 | गभीरात्मा |
| 938 | विदिशः |
| 939 | व्यादिशः |
| 940 | दिशः |
| 941 | अनादिः |
| 942 | भूर्भूवः |
| 943 | लक्ष्मीः |
| 944 | सुवीरः |
| 945 | रुचिरांगदः |
| 946 | जननः |
| 947 | जनजन्मादिः |
| 948 | भीमः |
| 949 | भीमपराक्रमः |
| 950 | आधारनिलयः |
| 951 | अधाता |
| 952 | पुष्पहासः |
| 953 | प्रजागरः |
| 954 | ऊर्ध्वगः |
| 955 | सत्पथाचारः |
| 956 | प्राणदः |
| 957 | प्रणवः |
| 958 | पणः |
| 959 | प्रमाणम् |
| 960 | प्राणनिलयः |
| 961 | प्राणभृत् |
| 962 | प्राणजीवनः |
| 963 | तत्त्वम् |
| 964 | तत्त्वविद् |
| 965 | एकात्मा |
| 966 | जन्ममृत्युजरातिगः |
| 967 | भूर्भुवःस्वस्तरुः |
| 968 | तारः |
| 969 | सविताः |
| 970 | प्रपितामहः |
| 971 | यज्ञः |
| 972 | यज्ञपतिः |
| 973 | यज्वा |
| 974 | यज्ञांगः |
| 975 | यज्ञवाहनः |
| 976 | यज्ञभृद् |
| 977 | यज्ञकृत् |
| 978 | यज्ञी |
| 979 | यज्ञभुक् |
| 980 | यज्ञसाधनः |
| 981 | यज्ञान्तकृत् |
| 982 | यज्ञगुह्यम् |
| 983 | अन्नम् |
| 984 | अन्नादः |
| 985 | आत्मयोनिः |
| 986 | स्वयंजातः |
| 987 | वैखानः |
| 988 | सामगायनः |
| 989 | देवकीनन्दनः |
| 990 | स्रष्टा |
| 991 | क्षितीशः |
| 992 | पापनाशनः |
| 993 | शंखभृत् |
| 994 | नन्दकी |
| 995 | चक्री |
| 996 | शार्ङ्गधन्वा |
| 997 | गदाधरः |
| 998 | रथांगपाणिः |
| 999 | अक्षोभ्यः |
| 1000 | सर्वप्रहरणायुधः |
भगवान् विष्णु के 1000 नाम के लाभ
धर्म शास्त्रों के अनुसार भगवान् विष्णु के 1000 नाम का पाठ करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है. भगवान् विष्णु के 1000 नाम हिंदी में का पाठ करने वाले व्यक्ति को धन, यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता, आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्त होता है।
भगवान् विष्णु के 1000 नाम हिंदी में PDF डाउनलोड
निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर भगवान् विष्णु के 1000 नाम हिंदी में PDF डाउनलोड करे.
विष्णु सहस्त्रनाम भगवान् विष्णु के 1000 नाम हिंदी में MP3 डाउनलोड
निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर भगवान् विष्णु के 1000 नाम हिंदी में MP3 डाउनलोड करे.
Vishnu Sahasranama Stotram
विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र
বিষ্ণু সহস্রনাম বাংলায়
વિષ્ણુ સહસ્ત્રનામ ગુજરાતીમાં
विष्णु मंत्र
Vishnu Mantra in English
आरती ओम जय जगदीश हरे
Om Jai Jagdish Hare Aarti In English